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Books of Deepak Kumar Srivastava “Neel Padam”

NEEL PADAM

NEEL PADAM

Literary Work of writer and poet Deepak Kumar Srivastava " Neel Padam "

2 Readers
153 Articles
NEEL PADAM

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Literary Work of writer and poet Deepak Kumar Srivastava " Neel Padam "

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Neel Padam's Diary

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Neel Padam's Diary

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Articles of Deepak Kumar Srivastava “Neel Padam”

सत्य होता सामने

26 March 2024
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सत्य होता सामने तो, क्यों मगर दिखता नहीं, क्यों सबूतों की ज़रूरत पड़ती सदा ही सत्य को। झूठी दलीलें झूठ की क्यों प्रभावी हैं अधिक, डगमगाता सत्य पर, न झूठ शरमाता तनिक। सत्य क्यों होता प्रताड़ित गु

Clear Heart

26 March 2024
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When I feel rhythem of your heart, I feel rhythem of ocean  that accepts streams of any class whether from east or west,  from north or south whether filthy one or clear as glass. I feel your he

Sandeshkhaali incidence

22 February 2024
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सन्देश खाली है यही  कुछ भी नहीं है यहाँ सही, जानवर भी इनसे अधिक मनुष्यता के समीप हैं ।       कुकृत्य इनके राछ्सी इंसानियत की न बास भी, दंश देते बिच्छुओं से  जहर भरे जीव हैं ।  हैं दण्ड के पात्

प्रयास

22 February 2024
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है चन्द्र छिपा कबसे, बैठा सूरज के पीछे, लम्बी सी अमावस को, पूनम से सजाना है। चमकाना है अपनी, हस्ती को इस हद तक, कि सूरज को भी हमसे, फीका पड़ जाना है। ये आग जो बाकी है, उसका तो नियंत्रण ही, थोडा सा

सौगंध से अंजाम तक

22 February 2024
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चल पड़े जान को, हम हथेली पर रख, एक सौगंध से, एक अंजाम तक । उसके माथे का टीका, सलामत रहे, सरहदें भी वतन की, सलामत रहें, जान से जान के, जान जाने तलक, जान अर्पण करूँ, जान जायेंगे सब,

Shri Ram

21 January 2024
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देखें क्या है राम में, चलें अयोध्या धाम में, तैयारी हैं जोर-शोर से सभी जुटे हैं काम में ।  कौन राम जो वन को गए थे, छोटे भईया लखन संग थे, पत्नी सीता मैया भी पीछे, रहती क्यों इस क

हे ईश्वर अवतार लो

31 October 2023
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क्या वजह करते फिरें  क्यों वो राक्षसी कृत्य  मानव को मानव खा रहा  करते  दानवी  नृत्य।  आखिर क्या इनको चाहिए  पूछो  इनसे  जाय, कौन सी इनकी सोच है  जो मानवता को खाय। आतंकी ये सोच राक्षसी  क

त्रासदी

31 October 2023
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जहरीली कर दी हवा, प्रतिदिन गरल मिलाय, कैसे-कैसे कर्म हैं, मानवता मिट जाए। (c)@दीपक कुमार श्रीवास्तव "नील पदम्"  

त्रासदी

31 October 2023
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नदियों में घोला जहर,  वन में लगाई आग,  वो दिन अब न दूर हैं,  कोसत रहियो भाग । (c)@दीपक कुमार श्रीवास्तव "नील पदम्"                   

त्रासदी

31 October 2023
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काट दिए सब पेड़ औ, सब पर्वत दिए उखाड़, धरती का पानी सोखकर, मिट्टी भी दई उजाड़ । (c)@दीपक कुमार श्रीवास्तव "नील पदम्"